सनबर्न के लिए एप्पल साइडर सिरके का करें प्रयोग
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| सनबर्न के लिए एप्पल साइडर सिरके का करें प्रयोग |
सूरज में लंबे समय तक समय बिताने से होता है सनबर्न।
· मेलेनिन का कम उत्पादन भी सनबर्न का खतरा बढ़ता है।
· सनबर्न को दूर करने में सेब साइडर सिरका है मददगार।
· सूरज से बचने के लिए हमेशा एसपीएफ को करें इस्तेमाल।
सनबर्न सबसे अधिक परेशान करने वाली त्वचा की समस्याओं में से एक है जो विशेष रूप से गर्मियों के दौरान आपकी त्वचा की क्षति का कारण होती है। आपको सनबर्न की समस्या स्विमिंग या सूरज में अक्सर या लंबे समय तक रहने के कारण होती है। हालांकि सनबर्न के लिए कैमिकल पीलिंग जैसे कई उपचार उपलब्ध है लेकिन अतिसंवदेनशील त्वचा पर एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसलिए आपको सनबर्न से छुटकारा पाने के लिए महंगे विकल्पों की बजाय सेब साइडर सिरके का इस्तेमाल करना चाहिए। आइए इस लेख के माध्यम से जानें कैसे।
कैसे होता है सनबर्न?
ये कॉपरी टैन त्वचा कोशिकाओं के नुकसान का संकेत है। अफसोस की बात यह भी है कि यह नुकसान त्वचा कैंसर को जन्म दे सकता है। सूरज के संपर्क में आने पर आपका शरीर की पराबैंगनी विकिरण से होने वाले नुकसान से त्वचा की रक्षा करने के लिए मेलेनिन का उत्पादन करने के लिए कदम उठाता है। मेलेनिन आपकी त्वचा, बाल और आंखों के रंग के लिए जिम्मेदार पिंग्मेंट है। हालांकि एक निश्चित बिंदु के बाद आपका शरीर जल्दी से मेलेनिन का उत्पादन नहीं कर पाता जिसके परिणामस्वरूप त्वचा की इस आनुवंशिक सामग्री को नुकसान होने लगता है।
इनका जवाब देने के लिए स्वस्थ कोशिकाएं क्षतिग्रस्त त्वचा कोशिकाओं से छुटकारा पाने के लिए सूजन को बढ़ावा देती है, जिसे यूवी तनाव की प्रतिक्रिया के रूप में जाना जाता है। दूसरी ओर शरीर नई प्रतिस्थापन कोशिकाओं का उत्पादन करता हे। यह दोनों प्रकार की प्रक्रिया जब एक दूसरे का समर्थन नहीं करती तो त्वचा कैंसर का खतरा पैदा कर सकती है। त्वचा के लिये टैनिंग (रंग का गाढ़ा होना) त्वचा को बचाने का कुदरती उपाय है जिसमें मैलेनिन ज़्यादा मात्रा में बनता है। गोरे रंग के लोगों में मैलेनिन कम होने के कारण सनबर्न का जोखिम उनमें ज्यादा होता है। आपको सनबर्न के लक्षण एक ही दिन में देखने को नहीं मिलते। आमतौर पर सनबर्न सूरज के संपर्क में रहने के 24 घंटे के बाद दिखाई देते है और तीन से पांच दिन के भीतर ठीक भी हो जाते हैं।
इनका जवाब देने के लिए स्वस्थ कोशिकाएं क्षतिग्रस्त त्वचा कोशिकाओं से छुटकारा पाने के लिए सूजन को बढ़ावा देती है, जिसे यूवी तनाव की प्रतिक्रिया के रूप में जाना जाता है। दूसरी ओर शरीर नई प्रतिस्थापन कोशिकाओं का उत्पादन करता हे। यह दोनों प्रकार की प्रक्रिया जब एक दूसरे का समर्थन नहीं करती तो त्वचा कैंसर का खतरा पैदा कर सकती है। त्वचा के लिये टैनिंग (रंग का गाढ़ा होना) त्वचा को बचाने का कुदरती उपाय है जिसमें मैलेनिन ज़्यादा मात्रा में बनता है। गोरे रंग के लोगों में मैलेनिन कम होने के कारण सनबर्न का जोखिम उनमें ज्यादा होता है। आपको सनबर्न के लक्षण एक ही दिन में देखने को नहीं मिलते। आमतौर पर सनबर्न सूरज के संपर्क में रहने के 24 घंटे के बाद दिखाई देते है और तीन से पांच दिन के भीतर ठीक भी हो जाते हैं।
सनबर्न के लिए सेब साइडर सिरका उपयोग करें
अगर आप सनबर्न की समस्या से परेशान है तो सेब साइडर सिरका आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। सेब साइडर सिरका सनबर्न के जोखिम को कम करने के साथ इससे होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद करता है। जीं हां यह जादू आप खुद से कर सकते हैं। आइए जानें कैसे? थोड़ा सा सिरका स्प्रे बोतल में डाल कर उसमें थोड़ा सा पानी मिलाये। अब इस स्प्रे को प्रभावित त्वचा पर लगा लें। या कॉटन को सिरके में भिगोकर सनबर्न में लगाकर थपथपाये। इसके अलावा आप नहाने के पानी में इसे मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक बाल्टी पानी में दो ढक्कन सिरका मिला लें। इस उपाय को अपनाने से आप नोटिस करेगें कि आपके सनबर्न के निशान कम हो रहे हैं।
इसलिए केमिकल आधारित समाधान को इस्तेमाल करने की बजाय विकल्प के रूप प्राकृतिक घरेलू उपायों का उपयोग करें। हालांकि बचाव के लिए सूरज के कम संपर्क और हमेशा उपयुक्त सनस्क्रीन लोशन लगाने की सलाह भी दी जाती है।
इसलिए केमिकल आधारित समाधान को इस्तेमाल करने की बजाय विकल्प के रूप प्राकृतिक घरेलू उपायों का उपयोग करें। हालांकि बचाव के लिए सूरज के कम संपर्क और हमेशा उपयुक्त सनस्क्रीन लोशन लगाने की सलाह भी दी जाती है।

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