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सुपर डाइट – एक महीने में 30 किलो तक घटाएँ

Written By Unknown on Saturday, 5 November 2016 | 01:36:00

सुपर डाइट – एक महीने में 30 किलो तक घटाएँ

Health Tips
सुपर डाइट – एक महीने में 30 किलो तक घटाएँ

वजन को तेजी से कम कैसे किया जाए
एक महीने में 25 किलो कैसे घटाएँ? कई पुरुष और महिलाएं यह सवाल पूछते हैं। ज़्यादातर पुरुष और महिलाएं की समस्याएँ एक जैसी होती हैं, बैठे-बैठे ज़िंदगी बिताना, लगातार काम करना, अपने लिए समय ही नहीं होना।
असल में बात यह है कि आम तौर पर एक बड़े ही सीधे सरल नियम को लोग नज़र अंदाज़ करते हैं, यह नियम है: जितनी कैलोरीज़ आप खाते हैं उससे ज़्यादा जलाएँ! और इसीलिए लोग वजन नहीं घटा पाते हैं!

वजन कम करने के लिए डाइट के प्रकार

हमें अपना वजन कम करने के लिए कैलोरीज़ का सेवन सीमित करना पड़ेगा। अलग-अलग डाइट में अलग-अलग प्रॉडक्ट के इस्तेमाल से कैलोरीज़ खाने की मात्रा सीमित की जाती है।

पहली विधि :  आप वसा खाना कम नहीं कर सकते और कई लोग तो वसा का सेवन कम करने को ही गलती से एक डाइट समझते हैं। यदि कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा सीमित नहीं की जाती है, तो शरीर को जरूरत से अधिक ऊर्जा मिलती रहेगी और इसलिए शरीर के लिये वजन घटाने का कोई कारण ही नहीं होगा। इसलिए, इस तरह की तथाकथित “डाइट” बिल्कुल भी काम नहीं करती!!

दूसरी विधि : आप प्रोटीन की मात्रा कम कर सकते हैं लेकिन ये भी काम नहीं करेगा क्योंकि ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत प्रोटीन नहीं बल्कि वसा और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। इसलिए, ऐसा करके वजन तभी कम हो सकता है जब आप साथ में वसा और कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन भी कम कर दें (जैसे, जब कोई महिला रोज-रोज सिर्फ सेब ही खाए)। लेकिन आपको यह समझना बहुत जरूरी है कि प्रोटीन के बगैर आपका शरीर एक तरह से “अंदर से खुद को ही खाना” शुरू कर देता है मतलब, वह मांसपेशियों के ऊतकों को तोड़ने लगता है (जिससे त्वचा ढीली पड़ जाती है और मसल्स कमजोर हो जाते हैं), और आपके आंतरिक अंग भी छोटे हो जाते हैं।

सबसे बढ़िया विधि : आप अपने शरीर को थोड़ा बेवकूफ़ बना सकते हैं। इसे आप उतना ही खाना खा कर मूर्ख बनाएँ जितना आप रोज खाते हैं, बस आप खाने में अघुलनशील रेशे, या इनसोल्यूबल फाइबर (हेमीसेल्यूलोज़ और सेल्यूलोज़) और फैटी एसिड लेने लगें। इस तरह, हम बिना अपनी खाने की आदतों को बदले, बिना जरूरी चीजों की कमी करके या बिना शरीर को नुकसान पहुंचाकर वसा की मात्रा घटा सकते हैं। इस काम में Green Coffee बहुत मददगार है।

Green Coffee में कई अनोखे तत्व पाए जाते हैं और इसलिए कई पेशेवर खिलाड़ी और डाइटीशियन इसे जल्दी वज़न घटने के लियेएक सीक्रेट हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं। इसमें पाए जाने वाले पदार्थों के कारण ही इसे कई पेशेवर लोग चुनते हैं।

क्लोरोजेनिक एसिड के अलावा Green Coffee में पाए जाते हैं: अन्य ऑर्गेनिक एसिड (लगभग 30 तरह के), अघुलनशील रेशे (सेमीसेल्यूलोज़ और सेल्यूलोज), प्यूरीन अल्कलॉइड (कैफीन और ट्रिगोनोलीन), फैटी एसिड (ओमेगा-6 लिनोलेइक एसिड (39-53%), पमिटिक एसिड (27-39%), ओमेगा-3 लिनोलेइक एसिड (2-3%)), टैनिन (टैनिक एसिड), विटामिन्स (जिसमें विटामिन ई भी शामिल है), फाइटोस्टीरोल्स (बीटा स्टीरोल (44% तक), सिग्मास्टीरोल, कैंपेस्टीरोल, आदि।), मैक्रो - और माइक्रोएलीमेंट्स (लोहा, फास्फोरस, सल्फर, पोटेशियम, आदि।), एमिनो एसिड, बीटाईन, कोलीन, तथा और भी उपयोगी पदार्थ।
Green Coffee में पाया जाने वाला कैफीन सेंट्रल नर्वस सिस्टम को स्टिमुलेट करता है, शारीरिक और दिमागी एक्टिविटी को बेहतर करता है , और Green Coffee में ही पाया जाने वाला अल्कलोइड ट्रिगोनोलीन क्लोरोजेनिक एसिड की वसा जलाने की क्षमता को बहुत अधिक बढ़ा देता है। फेंफड़ों, ह्रदय और साथ ही मांसपेशियों की एक्टिविटी को भी स्टिमुलेट करने के अलावा कैफीन में एंटीस्पासमोडिक और एनल्जेसिक गुण भी होते हैं।
Green Coffee में पाया जाने वाला अल्कलोइड ट्रिगोनोलीन कैफीन की ही तरह दिमाग और सेंट्रल नर्वस सिस्टम के कई हिस्सों को स्टिमुलेट कर देता है। इसके वैसोडाइलेटिव प्रभाव भी होते हैं, यह ऊतकों और अंगों तक रक्त प्रवाह बढ़ाता है, कार्बोहाइड्रेट के मैटाबॉलिज़्म और हेमाटोपोईएटिक फंक्शन को बेहतर करता है, यह लीवर के लिए अच्छा है, शरीर में से जहरीले पदार्थ बाहर करता है और खून को भी नियामित करता है। कॉलेस्ट्रोल के स्तर को भी नियंत्रित करता है।
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